भू-अधिकार पुस्तिका की प्रमाणित प्रतिलिपि WebGIS 2.0 पोर्टल (webgis2.mpbhulekh.gov.in) से ऑनलाइन ली जा सकती है। इसके लिए साइन इन करके “प्रमाणित प्रति” मेनू में “भू-अभिलेख प्रतिलिपि” से आवेदन करना होता है। पोर्टल की पुस्तिका के अनुसार इसी विकल्प से खसरा, खतौनी, नक्शा, खातावार खसरा, भू-अधिकार पुस्तिका और प्रभार प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रतिलिपि मिलती है।

भू-अधिकार पुस्तिका क्या है?
पोर्टल के FAQ में इसका पूरा नाम भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका लिखा है। नामांतरण के आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची में भी यह शामिल है।
भू-अधिकार पुस्तिका की प्रति कैसे लें?
- पोर्टल पर साइन इन करें। अकाउंट नहीं है तो पहले पंजीकरण करें।
- मेनू में “प्रमाणित प्रति” और फिर “भू-अभिलेख प्रतिलिपि” पर क्लिक करें। OK दबाकर “नवीन आवेदन” चुनें।
- जिला, तहसील और ग्राम चुनें। भूमिस्वामी या सर्वेक्षण/ब्लॉक संख्या चुनकर “विवरण देखें” पर क्लिक करें।
- सर्वेक्षण संख्या चुनें। अभिलेख प्रकार में भू-अधिकार पुस्तिका का विकल्प चुनकर “सूची में जोड़ें” पर क्लिक करें।
- “शुल्क गणना करें” पर क्लिक करें और “हाँ” चुनें। आवेदन संख्या बन जाएगी।
- “कार्यवाही” में “भुगतान” चुनकर “मेक पेमेंट” से भुगतान करें।
- कार्यवाही मेनू से “प्रतिलिपि डाउनलोड” और फिर “डाउनलोड प्रमाणित प्रतिलिपि” चुनें।

भू-अधिकार पुस्तिका और आबादी अधिकार अभिलेख में क्या अंतर है?
दोनों अलग हैं। भू-अधिकार पुस्तिका की प्रति “भू-अभिलेख प्रतिलिपि” से मिलती है। आबादी अधिकार अभिलेख ग्रामीण आबादी क्षेत्र के सर्वेक्षण के बाद बनता है, और इसके लिए “अधिकार अभिलेख प्रतिलिपि” का अलग विकल्प है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या भू-अधिकार पुस्तिका मुफ्त मिलती है? प्रमाणित प्रतिलिपि के लिए शुल्क देना होता है। राशि पोर्टल की “शुल्क गणना” में दिखती है।
क्या इसके लिए लॉगिन जरूरी है? हां। प्रमाणित प्रतिलिपि के लिए नागरिक अकाउंट से साइन इन करना होता है।
पुस्तिका में गलती हो तो क्या करें? तहसील या पटवारी कार्यालय से संपर्क करें।
आगे पढ़ें: खसरा खतौनी गाइड और WebGIS 2.0 गाइड।
