B1 खतौनी मध्य प्रदेश का धारकवार राजस्व संग्रह रजिस्टर है, यानी इसमें जमीन की जानकारी भूमि धारक के हिसाब से होती है। यह हर साल बनता है। B1 देखने के लिए webgis2.mpbhulekh.gov.in पर “भू-अभिलेख” से अपनी जमीन खोजें और “खतौनी B1 देखें” चुनें।

B1 क्या होता है?
पोर्टल के FAQ के अनुसार धारकवार राजस्व संग्रह रजिस्टर को बी-1 कहते हैं और यह वार्षिक आधार पर बनाया जाता है। नामांतरण के दस्तावेज़ों में भी खसरा और B1 की प्रतिलिपि का नाम आता है।
खसरा और B1 में क्या अंतर है?

खसरा जमीन के टुकड़े का विवरण बताता है। B1 भूमि धारक के हिसाब से बना रजिस्टर है। इसलिए जमीन का विवरण देखना हो तो खसरा और धारक की जानकारी देखनी हो तो B1 काम आता है।
B1 खतौनी ऑनलाइन कैसे देखें?
- webgis2.mpbhulekh.gov.in खोलें और “भू-अभिलेख” चुनें।
- “क्या आप खसरा के लिए भूमि रिकॉर्ड खोजना चाहते हैं?” के सामने “हाँ” पर क्लिक करें।
- जिला, तहसील और ग्राम चुनें, फिर भूमिस्वामी नाम, सर्वेक्षण/ब्लॉक संख्या या प्लॉट संख्या चुनें।
- कैप्चा भरकर “विवरण देखें” पर क्लिक करें।
- “कार्यवाही” कॉलम के थ्री-डॉट मेनू से “खतौनी B1 देखें” चुनें।

B1 की प्रमाणित प्रति कैसे लें?
- पोर्टल पर साइन इन करें। अकाउंट नहीं है तो पहले पंजीकरण करें।
- मेनू में “प्रमाणित प्रति” और फिर “भू-अभिलेख प्रतिलिपि” पर क्लिक करें। OK दबाकर “नवीन आवेदन” चुनें।
- जिला, तहसील और ग्राम चुनें। भूमिस्वामी या सर्वेक्षण/ब्लॉक संख्या चुनकर “विवरण देखें” पर क्लिक करें।
- सर्वेक्षण संख्या चुनें। अभिलेख प्रकार में B1 से जुड़ा विकल्प और वर्ष चुनकर “सूची में जोड़ें” पर क्लिक करें।
- “शुल्क गणना करें”, भुगतान और रसीद के बाद कार्यवाही मेनू से प्रमाणित प्रतिलिपि डाउनलोड करें।
पूरी प्रक्रिया e-Khasra गाइड में दी गई है।
B1 कहां काम आता है?
- अपनी जमीन का धारकवार रिकॉर्ड देखने के लिए
- नामांतरण के दस्तावेज़ों में
- जहां बैंक या कार्यालय खतौनी की प्रति मांगे
किसी काम के लिए कौन सी प्रति चाहिए, यह संबंधित बैंक या कार्यालय से पूछ लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या B1 देखना मुफ्त है? हां। साधारण B1 देखने के लिए शुल्क या लॉगिन नहीं चाहिए।
B1 कितने समय में बनता है? पोर्टल के अनुसार यह वार्षिक आधार पर बनाया जाता है।
B1 में गलती हो तो क्या करें? तहसील या पटवारी कार्यालय से जानकारी लें। ऑनलाइन शिकायत का तरीका शिकायत गाइड में है।
आगे पढ़ें: खसरा खतौनी गाइड और e-Khasra गाइड।
